Nepal PM News: वो 3 शर्तें जिन्हें मनवा कर ही नेपाल की PM बनीं सुशीला कार्की, जानिए इनसाइड स्टोरी
Nepal PM Sushila Karki : सुशीला कार्की ने शुक्रवार को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. वह अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगी. इसके साथ ही नेपाल की संसद भंग हो गई. अब मार्च में संसदीय चुनाव होंगे.
Nepal PM News: नेपाल में सत्ता का सस्पेंस खत्म हो गया. केपी शर्मा ओली के बाद नेपाल का अंतरिम प्रधानमंत्री कौन होगा? इसका देर से ही सही, मगर जवाब मिल गया. सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बन चुकी हैं. पूर्व चीफ जस्टिस रह चुकीं सुशीला कार्की ने शुक्रवार देर शाम नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. इसके बाद नेपाल के राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा को भंग किया. इसके साथ ही यह तय हो गया कि नेपाल में अगला संसदीय चुनाव कब होगा? अब सवाल है कि आखिर सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनने में इतना वक्त क्यों लगा? क्या उनकी कुछ शर्तें थीं?
जी हां, सुशीला कार्की यूं ही नेपाल की प्रधानमंत्री नहीं बनी हैं. उन्होंने अपनी कुछ शर्तों को पहले मनावाया है. तब जाकर उन्होंने नेपाल की कमान संभालने की हामी भरी. यह तो बहुत पहले तय हो गया था कि सुशीला कार्की ही देश की कमान संभालेंगी. मगर कुछ बातों को लेकर सुशीला कार्की पूरी तरह स्पष्टता चाहती थीं. इसलिए उन्होंने आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के सामने अपनी कुछ शर्तें रखी थीं. जब इन शर्तों पर सहमति बन गई, तब सुशीला कार्की ने शपथ लेने पर अपनी रजामंदी दी.
क्यों आसान नहीं थी राह?
सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाना इतना आसान नहीं था. इसके लिए संविधान में संशोधन की जरूरत है. ऐसे में सुशीला कार्की ने कहा कि जब तक कानून के एक्सपर्ट्स से परामर्श नहीं हो जाता और यह तय नहीं किया जाता कि किस बिंदु या धारा में बदलाव करके अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाए, तब तक वह शपथ नहीं लेंगी. दरअसल, नेपाल के संविधान में किसी जज को सीधे संसद में लाने का कोई प्रावधान नहीं है. इसलिए सुशीला कार्की पहले यह रास्ता निकलवाना चाहती थीं.
- पहली शर्त: अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने और सरकार को अंतरिम बनाने के लिए पहले संसद को भंग किया जाए. उनकी इस शर्त को भी मान लिया गया. आखिरकार नेपाल के राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा को भंग किया. 21 मार्च 2026 को संसदीय चुनाव होंगे.
- दूसरी शर्त: सुशीला कार्की की तीसरी शर्त यह थी कि उन्हें अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने के लिए विभिन्न दलों के साथ-साथ Gen‑Z के युवाओं का भी पूरा समर्थन मिले.
- तीसरी शर्त: सुशीला कार्की ने यह भी शर्त रखी थी कि जिन बच्चों ने इस आंदोलन के कारण अपनी जान गंवाई है, उनके मरने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने में आगे कोई बाधा नहीं आनी चाहिए.
सुशीला कार्की का शपथ ग्रहण
जब इन शर्तों पर नेपाल के राष्ट्रपति और आर्मी चीफ मानने को तैयार हो गए, तब सुशीला कार्की भी पद ग्रहण करने को तैयार हो गईं. सुशीला कार्की ने शुक्रवार को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. वह अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगी. इसके साथ ही नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता समाप्त हो सकती है
क्योंकि कथित भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के चलते मंगलवार को के पी शर्मा ओली को अचानक प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति कार्यालय में 73 वर्षीय कार्की को पद की शपथ दिलाई. इस अवसर पर राष्ट्रपति पौडेल और नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री के अलावा, उपराष्ट्रपति राम सहाय यादव और प्रधान न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह रावत भी उपस्थित थे
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