SCO में पुतिन-जिनपिंग से मिलने वाले है PM मोदी, इसी बीच जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री को मिलाया फोन, क्या है मकसद?
Zelenskyy Call PM Narendra Modi: एससीओ समिट के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठकें होने वाली है. यह बैठकें डोनाल्ड ट्रंप के भारत को लेकर बदलते रुख के बीच काफी अहम हैं. इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी को फोन मिलाया
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से टेलीफोन पर बात की. इस दौरान राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हाल की परिस्थितियों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्थिर और निरंतर नीति दोहराई, जो संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और जल्द से जल्द शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करती है. पीएम ने इस दिशा में भारत की पूरी मदद का आश्वासन दिया. दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और आपसी हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की. उन्होंने आपसी संपर्क बनाए रखने का भी संकल्प लिया.
पहले फ्रांस-जर्मनी, अब EU चीफ ने की पीएम मोदी से बात, यूक्रेन में शांति का दरवाजा भारत ही खोलेगा?
युद्ध रोकने के लिए भारत का रुख अहम
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की पीएम मोदी को ऐसे वक्त में कॉल करना जब वो चीन में हैं, यह साफ संकेत है कि वैश्विक सुरक्षा और संघर्ष समाधान के लिए भारत का रुख बेहद महत्वपूर्ण हैं. इस वार्ता से यह स्पष्ट होता है कि मॉस्को-कीव गतिरोध में यूक्रेन भारत की मध्यस्थता और शांतिपूर्ण समाधान की भूमिका को देख रहा है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की पीएम मोदी को ऐसे वक्त में कॉल करना जब वो चीन में हैं, यह साफ संकेत है कि वैश्विक सुरक्षा और संघर्ष समाधान के लिए भारत का रुख बेहद महत्वपूर्ण हैं. इस वार्ता से यह स्पष्ट होता है कि मॉस्को-कीव गतिरोध में यूक्रेन भारत की मध्यस्थता और शांतिपूर्ण समाधान की भूमिका को देख रहा है.
शांति के संदेश के साथ पुतिन से मिलेंगे पीएम
पीएम मोदी चीन में हैं और इसी सम्मेलन के दौरान उनका रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से व्यक्तिगत रूप से मिलने का कार्यक्रम है. इस क्रम में जेलेंस्की की कॉल न केवल संवाद को आगे बढ़ाने का माध्यम है बल्कि एक निष्पक्ष मिडिएटर के रूप में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मजबूती देता है. भारत की नीति हमेशा से रही है कि संघर्षों का समाधान शांतिपूर्ण और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए होना चाहिए और इस बातचीत ने उसी रुख को दोहराया.
पीएम मोदी चीन में हैं और इसी सम्मेलन के दौरान उनका रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से व्यक्तिगत रूप से मिलने का कार्यक्रम है. इस क्रम में जेलेंस्की की कॉल न केवल संवाद को आगे बढ़ाने का माध्यम है बल्कि एक निष्पक्ष मिडिएटर के रूप में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मजबूती देता है. भारत की नीति हमेशा से रही है कि संघर्षों का समाधान शांतिपूर्ण और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए होना चाहिए और इस बातचीत ने उसी रुख को दोहराया.
भारत निभाएगा रचनात्मक भूमिका
पीएम नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा और पुतिन से मुलाकात को देखते हुए जेलेंस्की के इस कॉल की भूमिका और बढ़ जाती है. भारत न केवल एससीओ में अपने सक्रिय और रचनात्मक योगदान को जारी रखेगा बल्कि यूक्रेन-रूस विवाद में संतुलित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहा है. जेलेंस्की की कॉल ने यह संकेत दिया कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में भी निर्णायक बन रही है
पीएम नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा और पुतिन से मुलाकात को देखते हुए जेलेंस्की के इस कॉल की भूमिका और बढ़ जाती है. भारत न केवल एससीओ में अपने सक्रिय और रचनात्मक योगदान को जारी रखेगा बल्कि यूक्रेन-रूस विवाद में संतुलित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहा है. जेलेंस्की की कॉल ने यह संकेत दिया कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में भी निर्णायक बन रही है
ये भी पढ़े
.jpg)
Post a Comment
Thanks for your feedback