Nepal PM News: सुशीला पर कब थमेगा सस्पेंस? नेपाल का बॉस कौन, आर्मी चीफ मौन...पर्दे के पीछे क्या खेल हो रहा

 

Nepal PM News: सुशीला पर कब थमेगा सस्पेंस? नेपाल का बॉस कौन, आर्मी चीफ मौन...पर्दे के पीछे क्या खेल हो रहा



Nepal PM News: नेपाल में सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है. राष्ट्रपति भवन में भी तैयारी हो रही है. इधर आर्मी चीफ ने राष्ट्रपति से मुलाकात की है. माना जा रहा है कि सुशीला कार्की ही नेपाल की अंतरिम पीएम होंगी.

Nepal PM News: नेपाल का नया बॉस कौन? यह सवाल पिछले 70 घंटे से गूंज रहा है. केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद अब तक नेपाल को नया पीएम नहीं मिला है. अंतरिम पीएम का इंतजार बढ़ता जा रहा है. आर्मी चीफ अंतरिम सरकार बनाने की कवायद में जुटे तो हैं, मगर अब तक मौन हैं. वह कुछ बोल नहीं रहे. केवल पर्दे के पीछे मीटिंग-मीटिंग खेल रहे हैं. कभी Gen-Z संग बैठक तो कभी राष्ट्रपति संग मीटिंग तो कभी सुशीला कार्की संग मुलाकात. सुशीला कार्की पर सस्पेंस का सिलसिला कब थमेगा, सबको इसका इंतजार है. सूत्रों की मानें तो सुशीला कार्की का नाम फाइनल है, बस आम सहमति की कोशिश की जा रही है. नेपाल के आर्मी चीफ इसी आम सहमति के लिए पर्दे के पीछे लगातार बैठकें कर रहे हैं और आंदोलनकारियों की डिमांड को सुन रहे हैं.

दरअसल नेपाल में जेन-जी के आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से लेकर कई मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ युवाओं का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाने की तैयारी चल रही है. सूत्रों का कहना है कि आज यानी शुक्रवार शाम तक सुशीला कार्की के नाम का आधिकारिक ऐलान हो सकता है. अभी नेपाल के आर्मी चीफ ने राष्ट्रपति भवन का दौरान किया. उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की है और कुछ सीक्रेट बातचीत भी हुई है. माना जा रहा है कि आर्मी चीफ ने अंतरिम पीएम वाला पैगाम पहुंचा दिया है.
नेपाल पीएम को लेकर हलचल
सूत्रों का कहना है कि नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय ‘शीतल निवास’ ने अपने कर्मचारियों को नए अंतरिम प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है. गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें उन्हें राजनीतिक सहमति बनने के बाद आधिकारिक परिवर्तन के लिए तैयार रहने को कहा गया है. जैसे ही देश की प्रमुख पार्टियां और राष्ट्रपति अंतरिम सरकार का नेतृत्व सुशीला कार्की के हाथों में सौंपने पर औपचारिक सहमति बना लेते हैं, वैसे ही मंत्रालय को संबंधित व्यवस्थाएं शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
कौन हैं सुशीला कार्की?

सुशीला कार्की एक प्रतिष्ठित न्यायविद और नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश हैं. उनकी छवि एक निष्पक्ष व्यक्ति के रूप में है, जो इस अस्थिर दौर में विश्वसनीयता और स्थिरता बहाल करने में सक्षम हो सकती हैं. कई दिनों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद जनता के बड़े धड़े ने सुशीला कार्की के हाथ देश के अंतरिम नेतृत्व को सौंपने की मांग की है. इससे पहले नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के पूर्व प्रमुख कुलमन घीसिंग को भी एक संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था. घीसिंग को व्यापक सुधारों के माध्यम से बिजली की कमी को समाप्त करने के लिए सराहा जाता है.
नेपाल में तख्तापलट की कहानी

यह राजनीतिक परिवर्तन सोमवार से पूरे देश में चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हो रहा है. नेपाल में फैली हालिया अशांति और जेन-जी का आंदोलन सोशल मीडिया पर बैन के सरकार के फैसले का परिणाम है. युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया. काठमांडू में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों से झड़प में अब तक 34 लोगों की जान चली गई है. देखते ही देखते जेन-जी का गुस्सा पोखरा, बुटवल और बीरगंज जैसे शहरों में फैल गया. नेपाल में हुई हिंसक झड़पों में 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. प्रदर्शन के बीच नेपाल सरकार की प्रतिक्रिया की व्यापक आलोचना पूरे देश में हो रही है
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