नेपाल को सेना ने और तबाह होने से बचा लिया! आर्मी चीफ ने देश को बना दिया छावनी, शांति की अपील के साथ चेतावनी
Nepal Government: नेपाल में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन के बाद के पी ओली ने इस्तीफा दिया. बुधवार को शांति कायम रखने के लिए सेना ने कर्फ्यू लगाया. काठमांडू समेत देशभर में सुरक्षा बढ़ाई गई, 19 लोगों की मौत हुई.
काठमांडू: नेपाल की सेना ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में संभावित हिंसा को रोकने के लिए बुधवार को देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए और कर्फ्यू लगा दिया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है कि जब एक दिन पहले ही सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के कारण के पी ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. प्रदर्शन के दौरान देश की प्रमुख इमारतों में आग लगा दी गयी, जिसके बाद देश में तनाव व्याप्त हो गया. देशभर में सेना की टुकड़ियां तैनात किए जाने के बाद नेपाल की राजधानी काठमांडू और अन्य प्रमुख शहर वीरान नजर आए. सेना ने एक बयान में कहा कि प्रतिबंधात्मक आदेश पूरे देश में सुबह से शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेंगे और उसके बाद बृहस्पतिवार सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा.
सेना ने कहा कि प्रदर्शन की आड़ में लूटपाट, आगजनी और अन्य विनाशकारी गतिविधियों की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए ये कदम ज़रूरी हैं. मंगलवार रात 10 बजे से देशभर में सुरक्षा अभियान की कमान संभालने वाली सेना ने चेतावनी दी कि प्रतिबंधात्मक अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी या व्यक्तियों और संपत्ति पर हमले को आपराधिक कृत्य माना जाएगा और उचित तरीके से उससे निपटा जाएगा. बयान में कहा गया है, ‘बलात्कार और हिंसक हमलों का भी खतरा है. देश की सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, प्रतिबंधात्मक आदेश और कर्फ्यू लागू कर दिया गया है.’
‘घरों से बाहर न निकलें लोग’
बयान में स्पष्ट किया गया है कि एम्बुलेंस, दमकल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सुरक्षा बलों सहित आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों और कर्मियों को प्रतिबंधात्मक आदेशों और कर्फ्यू के दौरान काम करने की अनुमति होगी. सेना ने एक बयान में कुछ समूहों की कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की, जो ‘कठिन परिस्थितियों का अनुचित लाभ उठा रहे हैं’ और ‘आम नागरिकों तथा सार्वजनिक संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं.’ नेपाल सेना मुख्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने लूटपाट और तोड़फोड़ सहित किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अपने सैनिकों को तैनात किया है.
उन्होंने बताया कि प्राधिकारियों ने निवासियों को यह आदेश भी जारी किया है कि वे ‘अत्यंत आवश्यक’ न होने तक घर से बाहर न निकले, ताकि आगे अशांति को रोका जा सके. सुबह से ही काठमांडू की आम तौर पर चहल-पहल वाली सड़कें वीरान दिखीं. कुछ ही लोग घरों से बाहर निकले और वह भी खासकर रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने के लिए. सड़कों पर सुरक्षाकर्मियों की कड़ी गश्त है और मंगलवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकारी और निजी इमारतों में लगा दी गई आग को बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां देखी गईं
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