Bihar Chunav: अगर जरूरत पड़ी तो स्वतंत्र लड़ेंगे बिहार चुनाव, क्या जीतन राम मांझी करेंगे बड़ा खेल?
Bihar Chunav 2025: जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री की 22 अगस्त वाली रैली में अद्वितीय भीड़ किसकी भीड़ थी? सब लोग कह रहा है क्षेत्र वाला कह रहा है कि केवल मांझी जी की भीड़ थी, मांझी जी के लोग थे. तो जन समर्थन हमारा और टिकट किसी दूसरे का?
पटना. बिहार चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सीट शेयरिंग की चर्चाओं के बीच बड़ा बयान दिया है. जीतनराम मांझी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो स्वतंत्र रूप से भी चुनाव लड़ सकते हैं. दरअसल जीतन राम मांझी ने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि हमारे पास पैसा नहीं है लेकिन जन समर्थन है. कांग्रेस -माले वाले छाती पीट रहे हैं तेजस्वी के पास, लेकिन हमारा वोटर है कहीं नहीं जाता है हमारे पास है. जीतन राम मांझी ने बिना नाम लिए हुए चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए मैं किसी का नाम नहीं लूंगा. लेकिन दावे के साथ कह सकता हूं बिना पैसा कि वह भीड़ जुटा ले तो मैं मान जाऊंगा.
जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री की 22 अगस्त वाली रैली में अद्वितीय भीड़ किसकी भीड़ थी? सब लोग कह रहा है क्षेत्र वाला कह रहा है कि केवल मांझी जी की भीड़ थी, मांझी जी के लोग थे. तो जन समर्थन हमारा और टिकट किसी दूसरे का? तो इसी के लिए हमको वह दिखाना होगा. बहुत दबे हुए जुबान से कहते हैं अगर वैसा ना करोगे तो 15 वाली ( 2015 वाली)बात हम लोग सोचने लगेंगे. जरूरत होगी तो हम लोग स्वतंत्र लड़ जायेंगे चाहे जो हो.
जीतन राम मांझी ने कहा कि इसलिए मैं कहता हूं जब कांशीराम और मायावती चुनाव लड़ रहे थे तो सभी सीटों से चुनाव लड़ गए थे तो लोग पगला गए. लेकिन सोचिए कितनी सोची समझी चाल थी लड़े तो जीते एको नहीं लेकिन उनका 6% वोट आ गया था और पार्टी का रिकॉग्निशन हो गया. उसके बाद सत्ता के शिखर तक पहुंचे. हिम्मत तो जुटाना होगा, काम करे हम और नाम लेगा ऊ लोग, यह नहीं चलेगा. जब एनडीए की बैठक होगी तो हम इस बार इस पार और उस पार की लड़ाई लड़ेंगे
ता दें, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने सीट बंटवारे को लेकर अपनी मांग को और मजबूत कर दिया है. केंद्रीय मंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी को 20 से 40 सीटें मिलनी चाहिए, ताकि पार्टी कम से कम आठ सीटें जीतकर उनकी पार्टी HAM राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा हासिल कर सके
जीतन राम मांझी ने बातचीत में कहा, “हम बिहार में हर जगह जा रहे हैं, लोगों से बात कर रहे हैं. लोग यही कह रहे हैं कि हमें 20-30 सीटों पर, या फिर 40 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए. हम एनडीए के मजबूत धड़े हैं, और ऐसी परिस्थिति में हमें हमारी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए.” मांझी ने यह भी जोड़ा कि उन्हें पूरा यकीन है कि जब गठबंधन में सीट बंटवारे पर बैठक होगी, तो उनकी पार्टी की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.
ये भी जाने
.jpg)
Post a Comment
Thanks for your feedback