दूध-दही-पनीर सस्ता, अब 22 सितंबर से काजू-बादाम-पिस्ता महंगे होंगे New GST Rates Update
नई जीएसटी दरों की घोषणा
3 सितंबर 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी दरों में कटौती और स्लैब सुधार की घोषणा की थी। सरकार का उद्देश्य महंगाई से राहत देना और उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ाना है। पहले कई वस्तुएं अलग-अलग स्लैब में बंटी हुई थीं, लेकिन अब सुधार के बाद ज्यादातर चीजें 5% और 18% वाले स्लैब में शामिल कर दी गई हैं। खास बात यह है कि करीब 400 वस्तुओं पर कर में कमी की गई है। इनमें खाने-पीने से लेकर घरेलू उपकरण और बच्चों के लिए जरूरी सामान तक शामिल हैं।
दूध, दही और पनीर पर नई दरें
अब अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) दूध पूरी तरह जीएसटी मुक्त कर दिया गया है। यानी पैकेज्ड दूध खरीदते समय आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। वहीं मक्खन, पनीर और कंडेंस्ड मिल्क पर जीएसटी को घटाकर 5% कर दिया गया है। पहले इन पर अपेक्षाकृत ज्यादा टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब त्योहारों के मौसम में ये चीजें भी आपके बजट में आसानी से शामिल हो सकेंगी।
रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं पर राहत
नई दरों के तहत कई पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड आइटम पर भी कर घटा दिया गया है। अब पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, कॉर्नफ्लेक्स और रेडी-टू-ईट स्नैक्स जैसी चीजों पर केवल 5% जीएसटी लगेगा। पहले इन पर 12% या उससे ज्यादा कर देना पड़ता था। इस कदम से मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि ये चीजें हर घर की जरूरत बन चुकी हैं।
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क्या सूखे मेवे भी होंगे सस्ते?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या काजू, बादाम और पिस्ता जैसी ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भी कमी आएगी? इसका जवाब है—हाँ। सरकार ने इन पर लगने वाले कर को 12% से घटाकर केवल 5% कर दिया है। इसका मतलब है कि अब आपको इन सूखे मेवों के लिए ज्यादा जेब नहीं ढीली करनी पड़ेगी। त्योहार और व्रत-उपवास के समय इनकी खपत बढ़ जाती है, इसलिए उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
त्योहारों से पहले सरकार का तोहफा
22 सितंबर से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और ऐसे समय पर दूध, दही, घी के साथ-साथ सूखे मेवों पर टैक्स कम होना वाकई बड़ी राहत है। लोग नवरात्रि के दौरान फलाहार और ड्राई फ्रूट्स का अधिक सेवन करते हैं। अब काजू, बादाम और पिस्ता जैसे मेवे भी पहले से सस्ते मिलेंगे। यह बदलाव न केवल आम उपभोक्ताओं को फायदा देगा बल्कि व्यापारियों और खुदरा विक्रेताओं के लिए भी बिक्री बढ़ाने का अवसर होगा।
अन्य क्षेत्रों पर असर
खाद्य वस्तुओं के अलावा पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उपकरण, मोटर वाहन और बच्चों से जुड़ी चीजों पर भी जीएसटी दरों में कमी की गई है। सरकार का कहना है कि इससे महंगाई नियंत्रण में आएगी और लोगों को रोजमर्रा की चीजें किफायती दर पर मिल सकेंगी। इसके अलावा जीवन और स्वास्थ्य बीमा को भी टैक्स मुक्त कर दिया गया है, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ और कम होगा।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने?
नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद आम उपभोक्ता के बजट पर सीधा असर दिखाई देगा। खासकर त्योहारों के मौसम में जब बाजार में रौनक बढ़ती है, तब जरूरी चीजों का सस्ता होना हर घर की बचत में मदद करेगा। जहां दूध-दही और पनीर जैसे जरूरी उत्पाद परिवार की रोजमर्रा की खपत का हिस्सा हैं, वहीं काजू-बादाम और पिस्ता जैसे सूखे मेवे त्योहारों और विशेष अवसरों का अहम हिस्सा हैं। इन पर जीएसटी घटने का मतलब है कि अब आम लोग भी इन्हें आसानी से खरीद पाएंगे।
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